बिहार के एक पर्वतारोही ने कनामो चोटी पर फहराया 328 फीट का तिरंगा

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पटना : जब जज्बा हो तो मुश्किल चीजें आसान बन जाती है। जी हाँ! बिहार के एक पर्वतारोही ने कनामो चोटी पर फहराया 328 फीट का तिरंगा बिहार के बक्सर जिले के सरेंजा गांव निवासी नंदन चौबे ने कनामो पर्वत की चोटी पर 328 फुट का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।

उन्होंने अगस्त में मनाली और लेह के बीच स्थित युनम पर्वत और हिमालय के लाहौल स्पीति जिले में स्थित कनामो पर्वत को फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

चौबे कहते हैं कि पहाड़ छोटे लगते हैं जब मंजिल तक पहुंचने के लिए सही प्रयास करने का जज्बा हो। यह सफलता हासिल करने वाले वे बिहार के एकमात्र पर्वतारोही हैं।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी वाली चोटी को जीतना बहुत मुश्किल माना जाता है। चौबे ने कहा, “10 किलोग्राम वजन का झंडा उठाना बड़ी बात है।”

अपनी उपलब्धि से उत्साहित, पर्वतारोही ने कहा कि उसे पहाड़ों पर चढ़ने, खोज करने और नए रोमांच लेने का शौक है।

उनकी सफलता को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।

चौबे ने बातचीत के दौरान कहा कि वह 2017 में पहली बार केदारनाथ और केदारकांठा गए थे। हिमालय पर्वतमाला को करीब से देखने के बाद पर्वतारोहण के उनके जुनून ने गति पकड़ी।

उन्होंने जम्मू और कश्मीर में जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (JIM) और उत्तराखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) में प्रशिक्षण लिया।

चौबे का सरेंजा गांव से पहाड़ की चोटियों तक का सफर खास रहा है और मुश्किल भी। इस सफलता से उनका मनोबल बढ़ा है।

पर्वतारोही रेनहोल्ड मेसनर और जिमी चिन को अपना आदर्श मानते हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने केदारकांठा, कलानाग, युनाम चोटी, कनामो, स्टोक कांगरी, कांग यात्से द्वितीय, डोजो जोंगो, रुद्रगैरा, मैत्री शिखर, सतोपंथ चोटी और नन सहित कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई की है।

उन्होंने यह रिकॉर्ड देश और अन्य पर्वतारोहियों को समर्पित किया। अपनी आगामी योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह उत्तरी अमेरिका के अलास्का में माउंट डेनाली पर तिरंगा फहराना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके लिए उनका सबसे बड़ा लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर पहुंचना है जिसके लिए वह असाधारण रूप से कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

चौबे को ‘आइकॉनिक पर्सनैलिटी ऑफ इंडिया’, ‘कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड’ और ‘ग्लोबल बिहार एक्सीलेंस अवार्ड’ जैसे पुरस्कार मिल चुके हैं।

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